सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

वास्तुशास्त्र लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नवग्रहों की महादशा का सटीक फलादेश: जानें कौन सा ग्रह चमकाएगा आपकी किस्मत? | गोचर में

वास्तुशास्त्र और घर के विभिन्न प्रकार के बारे में जाने | Learn about Vastu Shastra and Different Types of Home

  वास्तुशास्त्र और घर के विभिन्न प्रकार के बारे में जाने Learn about Vastu Shastra and Different Types of Home *****   घर के विभिन्न प्रकार *****                                                                                             अथैकशालं द्विगुनाणाब्धिशालं मस्तारतो लक्षणामेव   तेषाम् I यथोदितं वास्तुमते तथैव ब्रबीमि राज्ञामथवा जनानाम् II ४१ II                                   ...

वास्तुशास्त्र और महत्त्वपूर्ण विचार - Vastushastra Aur Mahatvapoorna Vichaar | Astrologer Dr. S. N. Jha

🕉️ ||वास्तुशास्त्र और महत्त्वपूर्ण विचार|| ||"वास्तुशास्त्रं प्रवक्ष्यामी लोकानां हितकाम्यया"|| वास्तुशास्त्र शब्द का अर्थ है, "निवास करना" जिस भूमि पर मनुष्य निवास करते है उसे "वास्तु" कहा जाता है| वास्तु देवता को आत्मवर्धनशील भी कहा गया है|एक कहावत है कि " अंधकासुर दैत्य एवम भगवान शंकर के बीच युद्ध हुआ | इस युद्ध में शंकरजी के शरीर से पसीने की कुछ बूँदे ज़मीन पर गिर पड़ी उन बूंदों से आकाश और पृथ्वी को भयभीत करने वाला एक प्राणी प्रकट हुआ,और देवों के साथ युद्ध करने लगा| तब सब देवताओं ने उसे पकड़ कर उसका मुह नीचे कर के दबा दिया और उसको शांत करने के लिए वर दिया - "सभी शुभ कार्यो में तेरी पूजा होगी"| तब देवों ने उस पुरुष पर वास किया | इससे कारण उसका नाम "वस्तापुरुष" प्रचलित हुआ | उसमें सभी देवता निवास करते है अतः सभी बुद्दिमान पुरुष उसकी पूजा करते हैं | तब से सभी शुभ कार्यो में जैसे ग्राम, नगर, दुर्ग, प्रासाद, मंदिर, मकान, जलाशय, उद्यान, आदि-आदि के निर्माण के अवसर पर वास्तुपुरुष की पुजा अनिवार्य है | वास्तु-पुरुष की पूज...

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या)

हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या)   हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च |  पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात्  आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है |                     हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है-  अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :-  1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2  फिट ...

10 प्राण और उपप्राण (The 10 Pranas): शरीर में स्थान, कार्य और रहस्य | Dhananjay Pran & Vayu

शरीर के 10 प्राण: स्थान, कार्य और रहस्य (The 10 Pranas) By Astrologer Dr. Sunil Nath Jha (Vedic & Medical Astrologer) उत्तर तथा पश्चिम दिशा के मध्य कोण को वायव्य (North-West) कहते है। इस दिशा का स्वामी या देवता 'वायुदेव' है। वायु पञ्च होते है:- प्राण, अपान, समान, व्यान, और उदान। हर एक मनुष्य के जीवन के लिए पाँचों में एक प्राण परम आवश्यकता होता है। पांचो का शरीर में रहने का स्थान अलग-अलग जगह पर होता है। हमारा शरीर जिस तत्व के कारण जीवित है, उसका नाम ‘प्राण’ (Vital Life Force) है। शरीर में हाथ-पाँव आदि कर्मेन्द्रियां, नेत्र-श्रोत्र आदि ज्ञानेंद्रियाँ तथा अन्य सब अवयव-अंग इस प्राण से ही शक्ति पाकर समस्त कार्यों को करते है। Quick Guide: 5 मुख्य प्राणों के स्थान (Summary Table) प्राण का नाम (Name) स्थान (Location) मुख्य कार्य (Function) 1. प्राण (Prana) नासिका से हृदय तक (Chest area) ...

36 गुण मिलान सारणी | Kundali Milan, Vivah Vichar & Graha Maitri

36 गुण मिलान सारणी | Kundali Milan, Vivah Vichar & Graha Maitri कुण्डली मिलान और विवाह विचार में 36 गुणों की अष्टकूट मिलान सारणी, ग्रह मैत्री, योनि मिलान, वश्य, नाड़ी दोष और भकूट का विचार किया जाता है। यहाँ आपको 36 गुण मिलान सारणी और प्रमुख मिलान चार्ट एक ही स्थान पर मिलेंगे। ⬇ Download 36 Gun Milan PDF & Charts विवाह विचार के प्रमुख चार्ट (Quick Reference Tables) 1. सम्पूर्ण योनि मिलान चार्ट (Full 14 Yoni Table) योनि (Yoni) नक्षत्र (Nakshatras) शत्रु योनि (Enemy - Avoid) अश्व (Horse) अश्विनी, शतभिषा महिष (Buffalo) गज (Elephant) भरणी, रेवती सिंह (Lion) मेष (Ram) कृत्तिका, पुष्य वानर (Monkey) सर्प (Snake) रोहिणी, मृगशिरा नकुल (Mongoose) श्वान (Dog) मूल, आर्द्रा मृग (Deer) मार्जार (Cat) अश्लेषा, पुनर्वसु मूषक (Rat) मूषक (Rat) मघा, पूर्वा फाल्गुनी मार्जार (Cat) गौ (Cow) उत्तरा फाल्गुनी...