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Wealth & Profession Astrology: दशम भाव और धन प्राप्ति के अचूक ज्योतिषीय योग

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दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य

दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य भारतीय ज्योतिष में दशा महादशा का क्या रहस्य है? जानें विंशोत्तरी दशा, कर्म-सिद्धान्त और काल-चक्र का सटीक और विस्तृत शास्त्रीय एवं व्यावहारिक विश्लेषण। Dr. S.N. Jha दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य 🔑 TL;DR (सार-संक्षेप): इस लेख में आप जानेंगे— दशा का अर्थ 'भाग्य' नहीं, बल्कि 'समय' (Timing) है। विंशोत्तरी दशा के 120 वर्षों का वास्तविक रहस्य। महादशा और अंतर्दशा के आधार पर सटीक फलित (Predictions) कैसे करें। राहु-केतु हमेशा कष्ट नहीं देते; उनकी शुभता का नियम। भारतीय ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) केवल ग्रहों की गणितीय गणना या भविष्य बताने का साधन मात्र नहीं है, अपितु यह 'काल' (Time) की सूक्ष्म चेतना को समझने का एक गंभीर शास्त्रीय विज्ञान (Shastric Science) है। (नोट: यहाँ ‘विज्ञान’ शब्द का प्रयोग शास्त्रीय-व्यवस्थित प्रणाली (Systema...

राशि क्या है? भारतीय ज्योतिष में राशि का वैज्ञानिक, दार्शनिक और फलित विवेचन

चित्र १: राशि चक्र – जहाँ वैदिक ज्ञान और खगोलीय विज्ञान का संगम होता है। १. प्रस्तावना (Introduction) भारतीय ज्योतिष शास्त्र , जिसे वेदांग ज्योतिष के नाम से भी जाना जाता है, वेदों का नेत्र माना गया है। इस शास्त्र का मुख्य उद्देश्य काल (समय) और दिक (स्थान) के अंतर्संबंधों का अध्ययन कर मानव जीवन पर पड़ने वाले ब्रह्मांडीय प्रभावों का विश्लेषण करना है। इस विश्लेषण की आधारशिला 'राशि' (Rashi) है। संस्कृत भाषा में 'राशि' शब्द का व्युत्पत्तिपरक अर्थ 'समूह', 'ढेर' या 'पुंज' होता है। खगोलीय दृष्टिकोण से, यह भचक्र (Zodiac) का एक निर्दिष्ट खंड है, जबकि फलित ज्योतिष के दृष्टिकोण से, यह प्रारब्ध और संचित कर्मों का एक 'कोश' (Repository) है। जब एक जिज्ञासु प्रश्न करता है कि "राशि क्या है?", तो इसका उत्तर मात्र 'मेष' या 'वृष' जैसे नामों तक सीमित नहीं रह जाता। यह प्रश्न हमें ब्रह्मांड की ज्यामिति, नक्षत्रों की ऊर्जा, और कालपुरुष (Cosmic Being) के शरीर ...