नाड़ी दोष क्या है? नाड़ी मिलान के असली नियम और 100% सटीक अपवाद "क्या पंडित जी ने आपकी कुंडली देखकर कहा है कि आप दोनों के बीच 'नाड़ी दोष' है और यह शादी नहीं हो सकती?" विवाह के लिए 36 गुणों का मिलान करते समय 90% जोड़ों को जिस एक चीज़ से सबसे ज्यादा डराया जाता है, वह है— नाड़ी दोष (Nadi Dosha) । अष्टकूट मिलान (8-point system) में नाड़ी को सबसे अधिक 8 अंक दिए गए हैं, जो कुल 36 अंकों का लगभग 22% हिस्सा है। लेकिन सच्चाई क्या है? आधे से ज्यादा कुंडलियों में नाड़ी दोष वास्तव में बनता ही नहीं है! प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों (जैसे मुहूर्त चिंतामणि ) में ऐसे कई सटीक अपवाद (Exceptions) बताए गए हैं, जहाँ नाड़ी दोष अपने आप रद्द (Cancel) हो जाता है। दुख की बात यह है कि अधिकांश ऑनलाइन सॉफ़्टवेयर इन शास्त्रों के सूक्ष्म अपवादों को कैलकुलेट नहीं कर पाते। इस विस्तृत गाइड में हम डिकोड करेंगे कि आदि, मध्य और अंत्य नाड़ी क्या है, इसके असली नियम क्या हैं, और ऐसे कौन से ज्योतिषीय अपवाद हैं जहाँ नाड़ी दोष होने के बावजूद विवाह पूर्णतः शुभ और सुरक्षित माना जाता है। ...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...