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नाड़ी दोष क्या है? नाड़ी मिलान के असली नियम और शास्त्रोक्त अपवाद (2 उदाहरणों के साथ)

Shani Aur Saadhesati Ke Baare Me Jaane - शनि की साढ़े साती और ढैय्या पर एक दृष्टि By Astrologer Dr. S.N. Jha

Shani Aur Sadhesati Ke Baare Me Jaane  शनि की साढ़े साती और ढैय्या पर एक दृष्टि By Astrologer Dr. S.N. Jha नीलद्युतिः शूलधरः किरीटी गृध्रस्थितस्त्राणकरो धनुष्मान् I चतुर्भुजः सुर्यसुतः प्रशांतो वरप्रदो मेऽस्तु स मन्दगामी II    शनि भगवान् नील आभा वाले, शूल और मुकुट धारण करनेवाले,गृध्र पर विराजमान,जगत को रक्षा करनेवाले, धनुष को धारण करनेवाले,चार भुजा वाले, शान्तस्वभाव एवं मन्द गतिवाले है , ये सूर्य पुत्र शनि मेरे लिए वर दे I         भगवान् :”सूर्य और चन्द्र” पर ग्रहण “राहु” लगाता है तो मनुष्य के जीवन में ग्रहण “शनि” लगाते है जो जीवन काल में कई बार लगाते है बड़े काल को साढेसाती और छोटे काल को ढैया कहते है I अगर शनि ग्रह शुभ है तो आशा से ज्यादा लाभ मिलेगा, परन्तु अगर शनि अशुभ है तथा आप से कोई जीवन में   बड़ा गलती हो गई तो फिर आपकों पुर्णतः चक्रव्यूह में फसा करके अन्तिम काल तक नाना प्रकार के कष्ट देते रहेग, जब तक कष्ट पूरा नही हो जाता तब तक मृत्यु नही होने देते है I आपकों देवी-देवतओं द्वारा दिया हुआ कष्ट है तो पूजा-पाठ से कम कर सकते ...

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हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या)

हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या)   हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च |  पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात्  आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है |                     हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है-  अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :-  1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2  फिट ...

36 गुण मिलान सारणी | Kundali Milan, Vivah Vichar & Graha Maitri

36 गुण मिलान सारणी | Kundali Milan, Vivah Vichar & Graha Maitri कुण्डली मिलान और विवाह विचार में 36 गुणों की अष्टकूट मिलान सारणी, ग्रह मैत्री, योनि मिलान, वश्य, नाड़ी दोष और भकूट का विचार किया जाता है। यहाँ आपको 36 गुण मिलान सारणी और प्रमुख मिलान चार्ट एक ही स्थान पर मिलेंगे। ⬇ Download 36 Gun Milan PDF & Charts विवाह विचार के प्रमुख चार्ट (Quick Reference Tables) 1. सम्पूर्ण योनि मिलान चार्ट (Full 14 Yoni Table) योनि (Yoni) नक्षत्र (Nakshatras) शत्रु योनि (Enemy - Avoid) अश्व (Horse) अश्विनी, शतभिषा महिष (Buffalo) गज (Elephant) भरणी, रेवती सिंह (Lion) मेष (Ram) कृत्तिका, पुष्य वानर (Monkey) सर्प (Snake) रोहिणी, मृगशिरा नकुल (Mongoose) श्वान (Dog) मूल, आर्द्रा मृग (Deer) मार्जार (Cat) अश्लेषा, पुनर्वसु मूषक (Rat) मूषक (Rat) मघा, पूर्वा फाल्गुनी मार्जार (Cat) गौ (Cow) उत्तरा फाल्गुनी...

Wealth & Profession Astrology: दशम भाव और धन प्राप्ति के अचूक ज्योतिषीय योग

Wealth & Profession Through Astrology आपका धनागम वा व्यवसाय चुनाव कुण्डली में धन योग और माता लक्ष्मी की कृपा " सुखस्य मूलं धर्मः धर्मस्य मूलं अर्थः | वृत्ति मूलं अर्थः अर्थ मूलौ धर्मकामौ || आयुः कर्म च वित्तं विद्या निधनमेव च | पञ्चैतानि हि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || धनमाजर्य काकुत्स्थ धन मूल मिदं जगत् | अन्तर ना भी जानाति निर्धनस्य मृत्स्य च || " जातक के व्यवसायों (Profession) के प्रकार का निर्णय ग्रहों की स्वरुप, बल आदि पर निर्भर करता है | जो ग्रह अत्यधिक बलवान् होकर लग्न , लग्नेश आदि आजीविका के द्योत्तक भाव पर प्रभाव डालता है | अतः ग्रहों के स्वरुप का ज्ञान आजीविका के निर्णय करने के लिए अत्यावश्यक है | अतः धन ही कमाना हर कार्य का प्रथम उदेश्य रहता है | जातक का व्यवसाय profession सभी आचार्यों वराह मिहिर, पराशर और कई प्रतिष्ठित विद्वानों ने दशम भाव (10th House) की ओर संकेत किया है | हमारा मत है ...