सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मई, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सहज (आत्मा से) साधना: मन की शांति, ग्रहों का प्रभाव और आध्यात्मिक मार्ग

ॐ श्री गणेशाय नमः क्या आपने कभी महसूस किया है कि जीवन की अंतहीन दौड़ और मानसिक तनाव के बीच हमारी आत्मा का वास्तविक स्वरूप कहीं खो गया है? शांति की खोज बाहर नहीं, बल्कि भीतर होती है। इसी गूढ़ रहस्य को उजागर करते हुए, ज्योतिषाचार्य श्री सुनील नाथ झा ने 'सहज (आत्मा से) साधना' के माध्यम से एक ऐसा मार्ग दिखाया है, जो बाहरी आडंबरों से मुक्त है। आइए जानते हैं कि कैसे ज्योतिषशास्त्र और ग्रहीय ऊर्जाओं को समझकर हम अपनी आत्मा की गहराई में उतर सकते हैं। आत्मा की सहज अवस्था: बाहरी आडंबरों से दूर परम ध्यान सहज (आत्मा से) साधना मानव जीवन के लिए सहज साधना सबसे सरल साधना है क्योंकि इसमें बाहरी आडम्बर से कोई लेना देना नही है | आत्मा से चलना, सरल जीवन और नित्य कर्म ही सहज साधना होता है अर्थात् आत्मा के अनुसार चलना- मन के अनुसार नही | क्योंकिः - मन में राग द्वेष, छल-कपट और ग्रहों से जल्दी प्रभावित होता रहता है | ज्योतिषशास्त्र सहज अवस्था बालक- बालिका का १२ वर्ष से पहले मानता है | उसके बाद से छल -कपट, राग -द्वेष जीवन मार्ग में प्रवेश ...