Janiye Kon Hote Hai Mangalik Aur Kya Hota Hai Mangal Dosh विवाह में अमांगलिक दोष - मंगल दोष अति महत्वपूर्ण विवाह में अमांगलिक दोष यानी (खराब कुण्डली) प्रसिद्धः (मांगलिक-दोष) विचार:- मंगल , नवांश और त्रिशांश विषय :- आप लोग जो कुण्डली मिलान करवाते है I वह केवल १०% मात्र सही होता है मंगल दोष का अर्थ स्वतंत्र विचार अपने से मतलब परिवार और समाज से मतलब नही रखता ऐसे जातक है I मंगल या पृथक कारी ग्रह जिस भाव रहता उस भाव को दूषित करता है I क्या विचार करना चाहिये:- प्रस्तुत है:--------- विवाहो जन्मतः स्त्रीणां युग्मेऽब्दे पुत्रपौत्रदः I अयुग्मे श्रीप्रदः पुंसां विपरीते तु मृत्युदः II१II जातक का विवाह जन्म से सम संख्यक वर्षों में कन्या का विषम संख्यक वर्षों में पुरुष का विवाह शुभ फलदायक ( सभी अशुभ विचार या संयोग को भी नष्ट करता ) होता है I इसके विपरीत होने पर हानिकारक होता है I यद्यत्पुन्प्रसवे समं तदखिलं स्त्रीणां प्रिये वा वदेन्माङ्गल्यं निधनात् सुतांश्च नवमाल्लाग्नात्तनोश्चारुताम् I भर्त्तारं सु...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...