दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य भारतीय ज्योतिष में दशा महादशा का क्या रहस्य है? जानें विंशोत्तरी दशा, कर्म-सिद्धान्त और काल-चक्र का सटीक और विस्तृत शास्त्रीय एवं व्यावहारिक विश्लेषण। Dr. S.N. Jha दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य 🔑 TL;DR (सार-संक्षेप): इस लेख में आप जानेंगे— दशा का अर्थ 'भाग्य' नहीं, बल्कि 'समय' (Timing) है। विंशोत्तरी दशा के 120 वर्षों का वास्तविक रहस्य। महादशा और अंतर्दशा के आधार पर सटीक फलित (Predictions) कैसे करें। राहु-केतु हमेशा कष्ट नहीं देते; उनकी शुभता का नियम। भारतीय ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) केवल ग्रहों की गणितीय गणना या भविष्य बताने का साधन मात्र नहीं है, अपितु यह 'काल' (Time) की सूक्ष्म चेतना को समझने का एक गंभीर शास्त्रीय विज्ञान (Shastric Science) है। (नोट: यहाँ ‘विज्ञान’ शब्द का प्रयोग शास्त्रीय-व्यवस्थित प्रणाली (Systema...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...