लेखक: डॉ. एस.एन. झा (Dr. S.N. Jha) | अनुभव: 30+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष परामर्श इस लेख में पराशर होरा शास्त्र और भृगु संहिता के आधार पर career prediction by kundli का सबसे सटीक और प्रामाणिक विश्लेषण किया गया है। कुण्डली से व्यवसाय चुनने की पद्धति कर्मेशस्थनवांशराशिदवशात् वृत्ति जगुस्तज्ज्ञाः अर्थात् विद्वानों ने जातक का वृत्ति काम-धन्धे अर्थात् व्यवसाय का विचार दशम भाव का स्वामी जिस नवांश में स्थित हो उस नवांश के स्वामी के अनुरुप या आस-पास कहना चाहिए | जातक के ऊपर किन कुण्डली किन ग्रहों का प्रभाव उसके जीवन स्वभाव, रंग, रुप, कद, व्यावहार, अध्य यन अध्यापन आदि पर रहा है अर्थात् सब से अधिक प्रभावी ग्रह के स्वरुप के आधार पर व्यवसाय का निर्धारित होता है यद्यपि दशम भाव कर्म भाव है यद्यपि यह रुपया कमाने के कर्मों का द्योत्तक नही है | अच्छे बुरे, यज्ञीय - अयज्ञीय कर्मों का द्योत्तक है | किस स्थान से दशम भाव लिया जाय और फिर वहां पर स्थित ग्रह का बलाबल देखा जाय ➖ वि...
मैं सुनील नाथ झा, एक ज्योतिषी, अंकशास्त्री, हस्तरेखा विशेषज्ञ, वास्तुकार और व्याख्याता हूं। मैं 1998 से ज्योतिष, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तुकला की शिक्षा और अभ्यास कर रहा हूं | मैंने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान तथा लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य | मैंने वास्तुकला और ज्योतिष नाम से संबंधित दो पुस्तकें लिखी हैं -जिनके नाम "वास्तुरहस्यम्" और " ज्योतिषतत्त्वविमर्श" हैं | मैंने दो पुस्तकों का संपादन किया है - "संस्कृत व्याकर-सारः" और "ललितासहस्रनाम" |