Numerology Kya Hoti Hai? Janiye Numerology Ke Baare Mein? अंक विज्ञान - Numerology Numerology Kya Hoti Hai? Janiye Numerology Ke Baare Mein? भारतीय ज्योतिष में मूल रुप से ९ ग्रहों को ही प्रधानता दी गई है, अतः अंक विद्या में भी प्रथम ९ अंको की ही प्रधानता मानी जाती है | इसके पश्चात् के अंक सयुक्त संख्या के रुप में माने जाते है | एक से नौ तक के अंक मूलांक कहलाते है | मूलांक १, २, ३, और ४ इसको वृहद् मूलांक तथा शेष ५, ६, ७, ८ और ९ पांच मूलान्को को लघु मूलांक कहते है | अंक विज्ञान विश्व का सर्वाधिक प्राचीन एवं नवीनतम विज्ञानं है | प्राचीन इसलिए कि भारतीयों ऋषियों विज्ञानविदों एवं भविष्यवेताओ को इसका ज्ञान था और नवीनतम इसलिए की जिस रुप में आजकल इसका प्रयोग किया जा रहा है उसके अनुसार यह प्राचीन पद्धति से हटकर अपनी एक नवीन सत्ता के साथ आगे बढ़ रहा है | इसका अध्ययन करने के लिए मस्तिष्क का संतुलन परमावश्यक है | आप इसमें जातक के सुख-दुःख और तीनो काल को समेटे हुए है वैसे सारे शास्त्र(ज्योतिषशास्त्र, रमलशास्त्र,टेरोकार्ड, सामुद्रिकशास्त्र या अंक...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...