क्या आपने कभी सोचा है कि श्वास लेने, भोजन पचाने, पलक झपकने, यहाँ तक कि मृत्यु के बाद शरीर के फूलने के पीछे कौन सी अदृश्य ऊर्जा कार्य करती है? आधुनिक विज्ञान जिसे 'बायो-एनर्जी' कहता है, भारतीय योग शास्त्र और ज्योतिष विद्या में उसे केवल 'हवा' नहीं, बल्कि ' प्राण ' (Vital Life Force) कहा गया है। अक्सर लोग प्राण को केवल 'साँस' (Breath) समझने की भूल करते हैं। लेकिन साँस तो केवल प्राण का भौतिक माध्यम है। गरुड़ पुराण और योग चूड़ामणि उपनिषद के अनुसार, हमारे शरीर में 10 प्रकार के वायु (The 10 Pranas) होते हैं। ये 5 मुख्य प्राण (महाप्राण) और 5 सहायक प्राण (उप-प्राण) मिलकर हमारे अस्तित्व को बनाए रखते हैं। चित्र: मानव शरीर के 5 महाप्राण और उप-प्राणों का स्थान। ...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...