जन्म राशि कैसे पता करें? चंद्र राशि (Moon Sign), सूर्य राशि और लग्न में असली अंतर समझें "अख़बारों और इंटरनेट का राशिफल पढ़कर आपको भी लगता है कि यह आपके जीवन से मेल क्यों नहीं खा रहा?" अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं! दुनिया के 90% लोग आज भी अपनी तारीख (Date of Birth) या नाम के पहले अक्षर से अपनी राशि देखते हैं। लेकिन महर्षि पराशर के प्राचीन वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह एक अधूरी और भ्रामक पद्धति है। ज्योतिषीय कड़वा सच: केवल आपके नाम या जन्म के महीने से आपकी असली "राशि" (Rashi) तय नहीं होती। एक सटीक भविष्यफल के लिए आपको ज्योतिष के तीन सबसे बड़े और गहरे स्तंभों— सूर्य (Sun) , चंद्र (Moon) , और लग्न (Ascendant) के बीच का फर्क समझना ही होगा। इस विस्तृत और वैज्ञानिक विवेचन से भरपूर गाइड में, हम एक आम इंसान से लेकर ज्योतिष के विद्यार्थियों (Experts) तक के लिए स्पष्ट करेंगे कि राशि का असल मतलब क्या होता है , अपनी सटीक जन्म कुंडली कैसे पढ़ें, और इन तीनों के बीच का मनोवैज्ञानिक व खगोलीय अंतर क्या है। चित्र 1: जन्म कुंडली (D-1 Chart)...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...