परिचय: ज्योतिष और आर्थिक समृद्धि का संबंध हर व्यक्ति के जीवन में तीन प्रश्न सबसे महत्वपूर्ण होते हैं—मेरा करियर क्या होगा? मेरे पास धन कितना होगा? और मेरा भाग्योदय कब होगा? ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) केवल भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि यह आपके पूर्व जन्मों के कर्मों और वर्तमान की संभावनाओं के बीच एक सेतु का कार्य करता है। प्राचीन ऋषियों जैसे वराहमिहिर और महर्षि पराशर ने ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के माध्यम से आजीविका और धन के गूढ़ रहस्यों को उजागर किया है। चाहे आप वित्त (Finance) के क्षेत्र में जाना चाहते हों या साहित्य और कला में, आपकी कुंडली का दशम (कर्म) और एकादश (आय) भाव सब कुछ स्पष्ट करता है। नीचे दिए गए लेख में, हम शास्त्रों के प्रमाण और श्लोकों के माध्यम से विश्लेषण करेंगे कि आपकी कुंडली आपके व्यवसाय और धन के बारे में क्या कहती है। 📄 Read / Download this Article as PDF Wealth & Profession Through Astrology आपका धनागम वा व्यवसाय चुनाव सुखस्य मूलं धर्मः धर्मस्य मूलं अर्थः | वृत्ति मूलं अर्थः...
मैं सुनील नाथ झा, एक ज्योतिषी, अंकशास्त्री, हस्तरेखा विशेषज्ञ, वास्तुकार और व्याख्याता हूं। मैं 1998 से ज्योतिष, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तुकला की शिक्षा और अभ्यास कर रहा हूं | मैंने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान तथा लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य | मैंने वास्तुकला और ज्योतिष नाम से संबंधित दो पुस्तकें लिखी हैं -जिनके नाम "वास्तुरहस्यम्" और " ज्योतिषतत्त्वविमर्श" हैं | मैंने दो पुस्तकों का संपादन किया है - "संस्कृत व्याकर-सारः" और "ललितासहस्रनाम" |