दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य भारतीय ज्योतिष में दशा महादशा का क्या रहस्य है? जानें विंशोत्तरी दशा, कर्म-सिद्धान्त और काल-चक्र का सटीक और विस्तृत शास्त्रीय एवं व्यावहारिक विश्लेषण। Dr. S.N. Jha दशा, महादशा और अंतर्दशा: विंशोत्तरी दशा का शास्त्रीय विवेचन और फलित रहस्य 🔑 TL;DR (सार-संक्षेप): इस लेख में आप जानेंगे— दशा का अर्थ 'भाग्य' नहीं, बल्कि 'समय' (Timing) है। विंशोत्तरी दशा के 120 वर्षों का वास्तविक रहस्य। महादशा और अंतर्दशा के आधार पर सटीक फलित (Predictions) कैसे करें। राहु-केतु हमेशा कष्ट नहीं देते; उनकी शुभता का नियम। भारतीय ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) केवल ग्रहों की गणितीय गणना या भविष्य बताने का साधन मात्र नहीं है, अपितु यह 'काल' (Time) की सूक्ष्म चेतना को समझने का एक गंभीर शास्त्रीय विज्ञान (Shastric Science) है। (नोट: यहाँ ‘विज्ञान’ शब्द का प्रयोग शास्त्रीय-व्यवस्थित प्रणाली (Systema...
मैं सुनील नाथ झा, एक ज्योतिषी, अंकशास्त्री, हस्तरेखा विशेषज्ञ, वास्तुकार और व्याख्याता हूं। मैं 1998 से ज्योतिष, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तुकला की शिक्षा और अभ्यास कर रहा हूं | मैंने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान तथा लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य | मैंने वास्तुकला और ज्योतिष नाम से संबंधित दो पुस्तकें लिखी हैं -जिनके नाम "वास्तुरहस्यम्" और " ज्योतिषतत्त्वविमर्श" हैं | मैंने दो पुस्तकों का संपादन किया है - "संस्कृत व्याकर-सारः" और "ललितासहस्रनाम" |